दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश के पहले चरण में 93 हजार से ज्यादा छात्रों को सीटें आवंटित की हैं। इन छात्रों को 18 जुलाई की रात 12 बजे से पहले अपनी सीट स्वीकार करने और निर्धारित शुल्क जमा करने की सलाह डीयू की ओर से दी गई है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया अब तेज हो गई है। विश्वविद्यालय ने 67 कॉलेजों के 221 स्नातक कार्यक्रमों के लिए कुल 1,393 कार्यक्रम-कॉलेज संयोजनों में 93,033 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की हैं।
डीयू के अनुसार इस वर्ष कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के तहत 2,18,284 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया। जबकि 2,08,843 अभ्यर्थियों ने 13 जुलाई तक दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुल 1.59 करोड़ से अधिक कॉलेज-कार्यक्रम प्राथमिकताओं (15,942,385 preferences) पर विचार किया गया।
विश्वविद्यालय के मुताबिक पहले चरण में सीट आवंटन की दर (Allocation Rate) लगभग 86.1 प्रतिशत रही। चयनित छात्रों में 42,019 छात्र और 51,014 छात्राएं शामिल हैं।
इसके अलावा:
- एकल बालिका (Single Girl Child) श्रेणी के 1,243 छात्रों को सीटें मिलीं।
- अनाथ श्रेणी के 242 छात्रों को भी सीटें आवंटित की गईं।
- इनमें 109 छात्र और 133 छात्राएं शामिल हैं।
श्रेणीवार आंकड़ों के अनुसार:
- अनारक्षित (UR) वर्ग: 99.9%
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 96%
- अनुसूचित जाति (SC): 95.2%
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 92.7%
- अनुसूचित जनजाति (ST): 67.3%
- दिव्यांग (PwBD): 23%
महत्वपूर्ण तिथियां
18 जुलाई
- पहले शुल्क जमा कर सीट स्वीकार करने की अंतिम सलाह।
28 जुलाई
- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं डीयू में शुरू होंगी।
छात्रों को मिलेगा फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प
विश्वविद्यालय ने कहा है कि सीट स्वीकार करने के बाद छात्र शुल्क जमा करेंगे। इसके बाद उन्हें फ्रीज या अपग्रेड का विकल्प मिलेगा। अपग्रेड चुनने वाले अभ्यर्थी 21 जुलाई रात 11:59 बजे तक अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम बदल सकेंगे। विश्वविद्यालय ने छात्रों से प्रवेश संबंधी अपडेट के लिए नियमित रूप से प्रवेश पोर्टल देखने की अपील की है।
पीजी पाठ्यक्रमों में दस हजार छात्रों ने लिया प्रवेश
डीयू ने अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की है। विश्वविद्यालय ने बताया कि पीजी कार्यक्रमों में अब तक लगभग 10,240 छात्रों ने प्रवेश ले लिया है। इनमें लगभग 6,240 छात्रों ने अपनी सीट फ्रीज की और 2,153 ने अपग्रेड का विकल्प चुना है।
एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम
दिल्ली विश्वविद्यालय में दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के साथ-साथ एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में भी छात्रों ने रुचि दिखाई है। इस बार एक वर्षीय पीजी के लिए 12 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
28 जुलाई से नए सत्र की पढ़ाई होगी शुरू
पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के दूसरे स्पॉट राउंड की शुरुआत 17 जुलाई से होगी। बीटेक पाठ्यक्रमों के अगले चरण की सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया 19 जुलाई से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं 28 जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।
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