केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 2025-26 के परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों के लिए पोस्ट रिजल्ट सुविधाओं की शुरुआत कर दी है। अब जिन छात्रों को अपने प्राप्त अंकों को लेकर कोई संदेह है, वे निर्धारित समय के भीतर अपनी उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने, अंकों का सत्यापन कराने और जरूरत पड़ने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम जारी करते हुए छात्रों से समय-सीमा का पालन करने की अपील की है।
सीबीएसई का कहना है कि पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छात्रों को पहले अपनी मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका देखने का अवसर दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि उनके उत्तरों का मूल्यांकन किस प्रकार किया गया है और यदि किसी प्रकार की त्रुटि नजर आती है, तभी वे आगे सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपना सकते हैं।
यह रहेगा पूरा शेड्यूल
सीबीएसई के अनुसार उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। इसके बाद 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक अंकों के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन या दोनों सुविधाओं के लिए आवेदन का अवसर मिलेगा। सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
कितनी होगी फीस
बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।
- उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी: ₹300 प्रति विषय
- अंकों का सत्यापन (Verification of Marks): ₹300 प्रति उत्तरपुस्तिका
- पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation): ₹100 प्रति प्रश्न (संबंधित प्रश्न के सभी उप-प्रश्नों सहित)
आवेदन शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकेगा।
पहले स्कैन कॉपी लेना क्यों जरूरी है?
सीबीएसई ने इस बार भी चरणबद्ध प्रक्रिया लागू की है। सबसे पहले छात्र अपनी उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करेंगे। इससे वे देख सकेंगे कि सभी उत्तरों की जांच हुई है या नहीं, अंक सही तरीके से दिए गए हैं या नहीं और कहीं जोड़ में कोई गलती तो नहीं हुई है। यदि उत्तरपुस्तिका देखने के बाद किसी प्रकार की त्रुटि महसूस होती है, तभी विद्यार्थी आगे सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सत्यापन में क्या होता है?
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बोर्ड यह जांच करता है कि उत्तरपुस्तिका के सभी प्रश्नों का मूल्यांकन किया गया है या नहीं। इसके अलावा प्रत्येक प्रश्न के अंक सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं तथा अंतिम अंक परिणाम में सही दर्ज किए गए हैं या नहीं, इसकी भी पुष्टि की जाती है। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या गणना संबंधी गलती मिलती है तो उसे सुधार दिया जाता है।
पुनर्मूल्यांकन कब कराएं?
यदि छात्र को लगता है कि किसी उत्तर का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ है या अपेक्षित अंक नहीं दिए गए हैं, तो वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रक्रिया में केवल उन्हीं प्रश्नों की दोबारा जांच की जाती है जिनका चयन विद्यार्थी आवेदन करते समय करता है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं, कम भी हो सकते हैं या पहले जैसे ही बने रह सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले उत्तरपुस्तिका का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना आवश्यक है।
आवेदन करते समय रखें इन बातों का ध्यान
विद्यार्थियों को आवेदन के दौरान रोल नंबर, स्कूल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी सही-सही भरनी होगी। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखनी चाहिए। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्रों के लिए उपयोगी सलाह
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अपेक्षा से कम अंक आने के कारण पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए। पहले उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी देखकर यह सुनिश्चित करें कि वास्तव में मूल्यांकन या अंकों के जोड़ में कोई त्रुटि है या नहीं। यदि गलती दिखाई देती है, तभी आगे की प्रक्रिया अपनाना उचित रहेगा।
सीबीएसई ने विद्यार्थियों से आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करने और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या भ्रामक जानकारी से बचने की सलाह दी है। समय-सीमा के भीतर आवेदन करने पर ही छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
पूरी जानकारी, विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया के लिए सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना देखें:
https://www.cbse.gov.in/cbsenew/documents/Post_Result_declaration_Facilities_Class_X_05082026.pdf
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